Homeत्यौहार2026 mein chhath puja kitne tarikh ko hai

2026 mein chhath puja kitne tarikh ko hai

छठ पूजा 2026 में कितने तारीख को है, किस दिन नहाय-खाय, खरना और सूर्य अर्घ्य होगा—पूरी जानकारी आसान और स्पष्ट भाषा में यहां पढ़ें।

जैसे ही बरसात विदा लेती है, एक सवाल पूरे देश में सामूहिक रूप से जन्म ले लेता है—“इस साल छठ पूजा कब है?” गूगल, व्हाट्सएप ग्रुप और मोहल्ले की चाय की दुकान, सब जगह यही चर्चा। क्योंकि छठ पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, यह अनुशासन, आस्था और भावनाओं का ऐसा फुल पैकेज है जिसमें तारीख गलत हुई तो पूरा सिस्टम हिल जाता है।

छठ पूजा क्या है? (जिन्हें अब भी कन्फ्यूजन है)

छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित वह दुर्लभ पर्व है जिसमें उगते और डूबते, दोनों सूर्य की पूजा की जाती है। यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का जीवंत उदाहरण है।
बिहार और झारखंड की मिट्टी से जन्मी यह परंपरा आज दिल्ली के यमुना घाट से लेकर न्यूयॉर्क की झीलों तक पहुंच चुकी है।

छठ पूजा 2026 में कितने तारीख को है? (सीधा जवाब, बिना घुमाए)

छठ पूजा 2026 कार्तिक मास की षष्ठी तिथि को मनाई जाएगी। यही वह दिन है जब संध्या अर्घ्य और अगले दिन उषा अर्घ्य दिया जाता है।
पूरे चार दिनों में यही दो दिन सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि यहीं व्रत का चरम और समापन दोनों होता है।

छठ पूजा 2026 चरण (Day)तिथि (Date)अनुष्ठान (Ritual)
1. नहाय-खाय13 नवंबर 2026नहाय-खाय (शरीर व मन शुद्ध करना)
2. खरना14 नवंबर 2026खरना व्रत एवं प्रसाद
3. संध्या अर्घ्य15 नवंबर 2026डूबते सूर्य को अर्घ्य
4. उषा/सूर्य उदय अर्घ्य16 नवंबर 2026उगते सूर्य को अर्घ्य व व्रत समापन

नहाय-खाय 2026: सफाई अभियान का पहला दिन

पहले दिन व्रती नदी या जलाशय में स्नान करते हैं और शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं।
इस दिन तामसिक भोजन पूरी तरह वर्जित होता है और घर के साथ-साथ मन की भी डीप क्लीनिंग होती है।

खरना 2026: मीठा दिन, सख्त नियम

खरना के दिन पूरे दिन निर्जला उपवास के बाद रात में गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद लिया जाता है।
यही वह दिन है जब व्रत सच में “सीरियस मोड” में चला जाता है।

संध्या अर्घ्य 2026: डूबते सूर्य को

इस दिन व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
सूप, दौरा, फल, दीप और सही टाइमिंग—सब कुछ अगर सही रहा, तो आस्था की फोटो खुद-ब-खुद परफेक्ट आती है।

उषा अर्घ्य 2026: उगते सूर्य का ग्रैंड फिनाले

अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही व्रत का समापन होता है।
यही सबसे पवित्र और भावुक क्षण माना जाता है, जब आंखें नम और मन हल्का हो जाता है।

छठ पूजा 2026 में व्रत कौन-कौन रख सकता है?

छठ पूजा 2026 का व्रत महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ रख सकते हैं। यह व्रत उम्र, लिंग या जाति से नहीं बल्कि आस्था, शारीरिक क्षमता और मानसिक संकल्प से जुड़ा होता है, इसलिए कई परिवारों में पति-पत्नी दोनों मिलकर व्रत करते हैं। पहली बार व्रत रखने वाले लोग भी इसे रख सकते हैं, बस स्वास्थ्य ठीक होना चाहिए और नियमों को गंभीरता से निभाने की तैयारी होनी चाहिए—क्योंकि यह व्रत भावना से चलता है, ज़बरदस्ती से नहीं।

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